कोल्हू के पाटों के बीच जिस तरह फंस,
कर निकल जाता है गन्ने का रस,
बस
उसी तरह समय के पाट भी चूस
लेते हैं आदमी का जूस,
और निचोड़ लेते है,
उसकी नस-नस।
Archive for October 10, 2007
समय के पाट
कोल्हू के पाटों के बीच जिस तरह फंस,
कर निकल जाता है गन्ने का रस,
बस
उसी तरह समय के पाट भी चूस
लेते हैं आदमी का जूस,
और निचोड़ लेते है,
उसकी नस-नस।